तुमने तो कह दिया कि अब कोई वास्ता नहीं है हमसे,ज़रा ये तो बताओ कि इस धड़कते हुए दिल का क्या करें।जो हर रात सिर्फ तुम्हारा ही नाम लेकर रोता है,उस बेकसूर की तड़प का हम किसके सामने शिकवा करें
हंसते हुए चेहरों के पीछे कितना रोना छुपा होता है,यह सिर्फ वही जानता है जिसका प्यार अधूरा होता है।तुम तो सो जाते हो अपनी दुनिया में चैन की नींद,यहाँ कोई तुम्हारी याद में रात भर तकिये को भिगोता है।