हम शर्मिंदा हैं ऐसी युवा पीढ़ी पर
एजुकेशन सिस्टम भी सही करना होगा
मां-बाप भी जिम्मेदार हैं जो
देशप्रेम नहीं सिखा सकते
संस्कार नहीं सिखा सकते
कर दो बैन सोशल मीडिया
छीन लो मोबाइल बच्चों से
अपराधी ना बनाओ इनको
भविष्य ना बिगाड़ो इनका
बच्चों को संस्कार सिखाओ
कुछ तो देशप्रेम सिखाओ
कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो खा रहे थे गालियां
दुखी थे मेरे देश के जवान
इन बेशर्म बच्चों के लिए
जिनकी खातिर छोड़ परिवार को
रात-दिन खड़े खड़े खाई सीने पर गोली
वो भी किसी के बेटे, भाई और पति हैं
वो देश की सीमा की रक्षा कर रहे हैं
तभी आज तुम उन्हें गाली दे रहे हो
कश्मीर फाइल भूल गए क्या
पुलवामा भूल गए, पहलगाम भूल गए क्या
कारगिल तो याद होगा
जब पाक सेना चढ़ आई थी
अरे सेना का मनोबल मत तोड़ो
सोच समझ कर मुंह खोलो
क्यों अपने माँ-बाप की परवरिश पर
प्रश्नचिन्ह लगाते हो
धिक्कार तुम्हें जो देश को गाली देते हो
माँ तो माँ होती है, चाहे किसी की हो
जो अब इस दुनिया में भी नहीं
उस पुण्य आत्मा को गाली देते हो
तुम्हें लोकतंत्र रास नहीं आया
आजादी का मजाक उड़ाया
देशद्रोही का साथ निभाया
तुम्हारे लिए राजतंत्र ही ठीक है
होते और किसी देश में
तो अब तक ज्ञात गया होता
देशद्रोह करने पर
जान से मार दिया होता
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली