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*तेरा मेरा याराना*
स्कूल की पहली बेंच से शुरू हुई थी कहानी,
तेरा मेरा नाम एक साथ लिखा था डायरी में।
"पेन देना" से बात शुरू हुई,
"जान हाजिर है" पर आकर रुकी।
टिफिन आधा-आधा,
तेरे पराठे मेरे अचार।
टीचर का सवाल आया तो,
तेरी कोहनी, मेरा इशारा।
पकड़े गए तो दोनों की मार,
और छूटते ही फिर ठहाका।
वही तो दोस्ती थी।
कॉलेज की रातें, छत और तारे।
"पहले तेरी शादी" "नहीं पहले तेरी"
बड़े-बड़े सपने, छोटी-छोटी जेब।
रिजल्ट आया, तू फेल मैं पास।
दुनिया बोली "अब दोस्ती टूटेगी"
तू बोला "चल पार्टी दे,
फिर मैं तुझे पास कराऊंगा"।
उस दिन समझ आया
दोस्ती नंबर से नहीं नापी जाती।
तेरा पहला प्यार, मेरा पहला टेंशन।
रात 2 बजे फोन - "भाई मान गई"
मैं 3 घंटे तक लाइनें सोचता रहा।
जब धोखा मिला, तू 3 दिन गायब।
दरवाजा तोड़कर घुसा,
"रो ले पर टूट मत" कहा।
उस दिन के बाद तू पत्थर बन गया।
पहली सैलरी, आधी तेरे नाम।
"पापा का इलाज कराना है"
जेब खाली थी पर हौसला पूरा।
उधार मांगकर, दोस्तों से लेकर
तेरे पापा को बचा लिया।
डॉक्टर बोला "चमत्कार"
मैं बोला "दोस्ती"।
झगड़े भी हुए, हफ्तों बात नहीं।
ईगो, गुस्सा, गलतफहमी।
8वें दिन तेरा मैसेज - "सिगरेट?"
और मैं बिना रिप्लाई किए नुक्कड़ पर।
गले लगे, सब भूल गए।
क्योंकि दोस्ती में "सॉरी" नहीं होता,
"चल छोड़" होता है।
तेरी शादी, मेरा सबसे बड़ा दिन।
मैं सबसे ज्यादा नाचा, सबसे ज्यादा रोया।
विदाई में तू बोला "ध्यान रखना"
मैंने कहा "20 साल से रख रहा हूं"।
तेरी बीवी बोली "इसका ख्याल रखना"
मैं हंस दिया।
आज हम 35 के हैं।
तू दुबई, मैं मुंबई।
महीने में एक बार कॉल।
पर जब बात होती है
लगता है कल ही मिले थे।
"बच्चे कैसे हैं" "बीपी की दवा ली?"
फिक्र वही, प्यार वही।
कोविड में तू बेड पर था।
ऑक्सीजन नहीं मिल रही थी।
मैं 300 KM गाड़ी चला कर आया।
तू बोला "अगर मैं..."
मैंने मुंह बंद किया - "चुप,
तेरे साथ बूढ़ा होना है"
और तू बच गया।
उस दिन भगवान से पहले
खुद पर भरोसा हुआ।
लोग पूछते हैं "दोस्ती क्या है?"
मैं कहता हूं इसकी कोई परिभाषा नहीं।
गिरे तो पहले हंसना, फिर हाथ देना।
गलती पर डांटना, दुनिया के सामने तारीफ।
10 रुपए हों तो 5 मांगना,
ना हों तो 100 दे देना।
खून का रिश्ता बड़ा मानते हैं।
मैं मानता हूं।
पर दोस्ती वो खून है
जो बिना रिश्ते के रिश्ता बना दे।
आज तेरे बर्थडे पर बस इतना,
"तेरा मेरा याराना,
जन्मो-जन्म का पैमाना।
तू हंसे तो मैं हंसूं,
तू रोए तो कंधा मेरा।
अगला जन्म भी मांगूंगा,
तेरा दोस्त बनूं मैं।"
क्योंकि दुनिया में सब मिल जाता है,
पैसा, शोहरत, इज्जत।
पर "तेरे जैसा दोस्त"
नसीब वालों को मिलता है।
और मैं नसीब वाला हूं,
क्योंकि तू मेरा दोस्त है ❤️
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