महिलाएं सदाबहार के पौधे जैसी होती हैं।
सदाबहार का पौधा देखा है कभी
हमेशा खिलता रहता
बिना कोई विशेष देखभाल के
हमेशा चिरंजीवी, गतिशील
ठीक वैसे ही लड़कियां
होती हैं पौधा सदाबहार का
कोई उनके लिए व्रत नहीं रखता
कोई जन्म नहीं देना चाहता
कोई विशेष देखभाल नहीं करता
फिर भी उगती हैं, बढ़ती हैं
रहती हैं हमेशा चिरंजीवी
ईश्वर की विशेष कृपा होती है
बहुत जिजीविषा होती है लड़कियों में
धरती सी सहनशील होती
विकट परिस्थितियों में भी खिलती
अपनी ही धुन में रह लेती
आगे और आगे ही बढ़ती
जहां भी जैसे भी मिलती जगह
वही अपनी पहचान बना लेती
कभी अनचाहा पौधा
किसी के घर को सजा देती
सदाबहार जैसी सदाबहार रहती
सबको महकाती, महकती रहती
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली