मैं और मेरे अह्सास
हालात
ईश्वर के हौसलों से हालात बदल दिये l
परिस्थिती ने दिए आघात बदल दिये ll
अच्छे कर्मो का फल मीठा ही होता है कि l
उसके रहमो कर्म से साक्षात बदल दिये ll
जब से ईश्वर की रहमत पाई है तब से ही l
जिंदगी में आनेवाले आयात बदल दिये ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह