"सपनों की उड़ान"
चल पड़, ऐ मुसाफ़िर, राहें तेरा इंतज़ार करें,
तेरे हौसलों से ही मंज़िलें अपना श्रृंगार करें।
धूप अगर तेज़ हो, तो छाँव बनना सीख ले,
आँधियों के बीच भी अपने कदमों को थामना सीख ले।
हर गिरना कोई हार नहीं,
हर आँसू बेकार नहीं।
जो दर्द तुझे आज मिला है,
वही कल तेरी पहचान बनेगा।
समय की रेत पर अपने कर्मों के निशान बना,
दूसरों की रोशनी नहीं, ख़ुद अपना आसमान बना।
जब दुनिया तुझ पर शक करे,
तू अपने विश्वास को आवाज़ दे।
जब किस्मत दरवाज़े बंद करे,
तू मेहनत से नई राह निकाल ले।
फूलों की ख़ुशबू पल भर की होती है,
लेकिन संघर्ष की महक उम्र भर साथ रहती है।
नदियाँ भी चट्टानों से टकराकर ही समंदर तक पहुँचती हैं,
और सितारे भी अँधेरी रातों में ही सबसे ज़्यादा चमकते हैं।
इसलिए अपने सपनों को कभी छोटा मत समझ,
अपने इरादों को कभी कमज़ोर मत होने दे।
एक दिन वही दुनिया, जो आज तुझे परख रही है,
तेरी सफलता की कहानी सुनाएगी।
बस चलता रह, सीखता रह, मुस्कुराता रह—
क्योंकि मंज़िल उन्हीं को मिलती है, जो सफ़र से प्यार करना जानते हैं।