मैं उम्र के उस पड़ाव में हूं.....
जहां सिर्फ अकेला रहना अच्छा लगता है।
इस दुनिया से मोह खत्म हो गया
खुद में इतना डूब रही हूं
अब बस मन रूपी समंदर के गर्त में अंधेरा नजर आ रहा है
ना मैं किसी की आदत बन पाई
ना ही कोई मेरे बिना रह सका
मैं बस अकेली रह गई।
✍️ अंतिमा 😊