दर्द भला वो क्या जाने
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जिन पर गुजरी कभी नहीं,
दर्द भला वो क्या जाने।
जिनसे रिश्ता नहीं हमारा,
भला हमें वे क्यों मानें।
सबके अपने दर्दों की
अलग ही एक कहानी है।
आप बताओ आज हमें,
कितना सुनें और हम जानें।
बस इतना बतला दो मुझको,
क्यों आये हो हमें सुनाने।
आखिर इतनी कृपा भला क्यों
जो चलकर आये हमें बताने।
राम भरोसे रहना सीखो
सुनना नहीं किसी के ताने।
रोने से न बात बनेगी
लोग सुनाते कथा पुराने।
अनुभव पास नहीं जब तेरे,
छेड़ रहा क्यों व्यर्थ तराने।
या फिर मन में पाप है तेरे,
जो आया हमको भरमाने।
सुधीर श्रीवास्तव