वो सवारता है बाल अपने, मुझे आयने से जलन होती है, मेरा महबूब बड़ा मासूम है (2)
उसे किसी और के देखने से तकलीफ होती है, यू ही बिखरे रह ने दो बाल अपने (2)
मुझे सवार ने की चाहत होती है, यूना आया करो सवर के मुझे नज़र उतार ने की चाहत होती है, यूना देखा करो मुझे तुम्हारी आँखों में डूब ने का मन होता है, यूना आया करो पास मेरे (2)
तुम्हें गले लगाने की तलब होती है,
ओर फिर न जाने क्यों.......
तुम्हें खुद में छुपाने की आरज़ू होती है, इसी बात पर तुम मिलो तो सही .... (2)
तुमसे मुलाकात की तमन्ना होती है!!!!