लिखने बैठी थी दिल का हाल, पर कलम ही रुक गई, ✨
शायद मेरे ज़ख्मों की गहराई देखकर स्याही भी झुक गई।
वो जो कहते थे कि हम साया बनकर साथ चलेंगे, 👣
आज उन्हीं की यादों में मेरी हर मुस्कान कहीं खो गई।
जिसे अपना समझा था, वही दूरियों का कारण बन गया,
और मेरी खामोशियों में छुपा हर दर्द मेरा हमसफ़र बन
गया।
— A Singh