चौपाई -बड़ाई
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नाहक नहीं बढ़ाई करना।
सत्य बोलने से मत डरना।।
सत्यमेव जयते की रचना।
सदा सर्वदा पढ़ते रहना।।
आप हमारी करो बड़ाई।
तभी कहेंगे तुमको भाई।।
आज समय की रीति निराली।
लक-दक दिखती होती काली।।
उचित लगे तब करो बड़ाई।
पर मत करना कभी लड़ाई।।
भले नहीं हो आप बड़ाई।
निज जीवन में करो कड़ाई।।
नहीं बड़ाई कभी अघाती।
सदा चाहती फूल अरू पाती।।
झाँसे में इसके मत आना।
महँगा पड़ता पानी दाना।।
सुधीर श्रीवास्तव