मैं क्या लिखूँ?
मोहब्बत लिखूँ या नफ़रत...
नफ़रत के शहर में मोहब्बत नहीं भाती,
मोहब्बत के शहर में नफ़रत नहीं भाती।
लिखकर दोनों, मैं सबकी नज़रों में बुरा बन जाता हूँ,
फिर तुम ही बताओ, मैं क्या लिखूँ?
मोहब्बत का शहर भी अब मोहब्बत से कोरा है,
और नफ़रत के शहर में मोहब्बत का शोर है।
कोई मोहब्बत को बुरा कहता है,
तो कोई नफ़रत को...
अब तुम ही बताओ मैं क्या लिखूँ,
नफ़रत लिखूँ या मोहब्बत लिखूँ?
- Std Maurya