“शादी के बाद पता चला…
प्यार कहना आसान, निभाना मुश्किल है।”
“वो मुझे खोना नहीं चाहता,
पर संभालना भी नहीं।”
“मैं उसकी priority नहीं…
पर आदत जरूर हूँ।”
“उसने मुझे छोड़ा नहीं,
बस पहले जैसा चाहा नहीं।”
“मैं आज भी उसकी हूँ,
बस वो पहले जैसा मेरा नहीं।”
“हमारा रिश्ता टूटा नहीं…
बस मुस्कुराना कम हो गया।”
“वो बदल गया है,
और मैं ये मान नहीं पा रही।”
“मैं उसे परेशान नहीं करना चाहती,
इसलिए खुद ही चुप रहती हूँ।”
“पत्नी रोती कम है…
सहती ज्यादा है।”
“उसके पास सबके लिए समय है,
बस मेरे लिए नहीं।”
“मैं छोड़ सकती थी…
पर शादी निभाना चुना।”
“वो मुझे समझता नहीं,
फिर भी मेरा ही है।”
“मैं उसकी जिंदगी में हूँ,
पर उसकी दुनिया में नहीं।”
“हम साथ हैं,
पर पहले जैसा साथ नहीं।”
“उसने प्यार करना नहीं छोड़ा…
बस जताना छोड़ दिया।”
“मैं गलत नहीं थी,
बस उसके लिए जरूरी नहीं थी।”
“रिश्ता खत्म नहीं हुआ,
बस दिल थक गया।”
“मैं शिकायत कर सकती थी,
पर पत्नी हूँ… कर नहीं पाई।”
“वो मेरा है,
बस पहले जैसा नहीं।”
“शादी में सबसे पहले,
औरत ही चुप होना सीखती है।”