#17. वो लड़की कुछ ज्यादा खास नहीं हैं....!
उसके दर्द के सिवा कुछ मेरे पास नही हैं, वो लड़की कुछ ज्यादा खास नही है,
उसकी बस आँखों मे नूर है, मेरे आँखों ने दिया उसको गुरुर है,
मैं देखता था उसको इस कदर कि नही रहता था मेरे दिल का कोई खबर...!
वो जन्नत की कोई हूर नही, मेरे सिवा उसके प्यार में कोई चुर नही,
हाँ नागिन जैसी उसकी चाल है, जुल्फ़ें भी कोई जादु वाला जाल हैं,
मैं उलझा था उसकी जुल्फों में इस कदर कि नही रहता था मेरे दिल का कोई खबर....!
उसका व्यवहार ज्यादा अच्छा नही हैं, उसका प्यार किसी के लिए सच्चा नही हैं,
हाँ उसके होठों की मुस्कान बड़ी कायल है जिससे मेरा दिल घायल है,
मैं पागल था उसके मुस्कुराहट के पीछे इस कदर कि नही रहता था मेरे दिल का कोई खबर...!
उसके लौट के आने का मुझे कोई आश नही, मैं जिन्दा भी हूँ इस बात का उसे एहसास नही,
माना उसकी बातों में मिठास है, मेरा हर सांस में उसका एहसास हैं,
लेकिन उसके दर्द के सिवा कुछ मेरे पास नही है वो लड़की कुछ ज्यादा खास नही हैं।
:- रौशन कुमार केसरी
15.02.2026