अज्ञानता से हमें बचाती है पुस्तक,
अकेलेपन में मित्र बन जाती है, पुस्तक।
श्वेत पन्नों पर
काले अक्षरों से सज जाती है, पुस्तक।
चुप रहकर भी
सम्पूर्ण गाथा सुनाती है, पुस्तक।
कवियों की कविता,
लेखकों की कहानी,
दार्शनिकों के दर्शन की सरिता,
बहाती है पुस्तक।
कुरीतियाँ-अंधविश्वास मिटा,
नया युग-नये विचार बनाती है, पुस्तक।
दमनकारियों के सच दिखाकर
शोषितों की आवाज़ बनती है, पुस्तक।
जाति-धर्म का भेद मिटा,
सबको साथ लाने का फरमान है, पुस्तक।
ज्ञान का सागर संग्रहित कर
स्वयं सरस्वती माँ का वरदान है, पुस्तक।
दिनांक: 3-FEB-2026