उद्भवस्थितिसंहारकारिणीं
क्लेशहारिणीम् ।
सर्वश्रेयस्करीं सीतां
नतोऽहं रामवल्लभाम् ।।
शब्दार्थ (एक-एक शब्द का अर्थ):
उद्भव – सृष्टि / उत्पत्ति
स्थिति – पालन / स्थिति बनाए रखना
संहार – संहार / विनाश
कारिणीं – करने वाली / क्रियान्वित करने वाली
क्लेश – दुःख / पीड़ा
हारिणीम् – हरने वाली / समाप्त करने वाली
सर्व – सभी / सम्पूर्ण
श्रेयः – कल्याण / श्रेष्ठ फल
करीं – करने वाली / प्रदान करने वाली
सीतां – सीता को / माता सीता
नतः – नतमस्तक / झुका हुआ
अहम् – मैं
रामवल्लभाम् – श्रीराम की प्रिय / श्रीराम की पत्नी
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सरल हिंदी अनुवाद:
मैं श्रीराम की प्रिय पत्नी, माता सीता को नमन करता हूँ,
जो सृष्टि, पालन और संहार की अधिष्ठात्री हैं,
जो समस्त क्लेशों को हरने वाली हैं,
और जो सभी प्रकार के कल्याण को प्रदान करने वाली हैं।