गुरु तेगबहादुर: आधुनिक भारत के प्रेरणास्त्रोत
एक पवित्र वह आत्मा ऐसी
सर्वस्व जगत में नाम चले
मुगल दौर कमज़ोर हो गया,
हिंद कौम की चादर जो बने।
छठवें गुरु गोविंद साहिब के
पाँचवें बहादुर लाल थे वे
विविध विद्या का ज्ञान प्राप्त कर
त्यागमल से विख्यात हुए।
नशा हुकूमत का जब लेकर
औरंगजेब सुल्तान बना
तेग़ बहादुर को ही तब नेता
सबने स्वीकार किया।
विश्वास जो मन में मिटा नहीं था
शीश कटा पर झुका नहीं था।
वीर पुत्र थे हिंद देश के
हैं शत्-शत् उनको प्रणाम
भाई गुरुदत्त, अनि राय,
सूरज मल और वीर अटल महान
पंच रत्नो की इस शहीदी,
को न व्यर्थ गवाना है।
अब उन पवित्र आत्माओं का
हमें भी ऋण चुकाना है।
~कोमल