"घाव"
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धीरे-धीरे घाव
बनता जायेगा
जिसे तुम
सहला न पाओगे।
तुम्हारे वोट
ले जायेंगे
शाई का धब्बा
किसी दिन
परछाईं मे गुम
होता जायेगा।
वह कहेंगे
कहाँ है घाव
थोडी शराब छिड़क देते है
थोडा पैसा लगा देते है।
सड़क के गड्ढे
भर दे
नाली की बद्बु
ठीक कर दे
हे वोट लेनेवाले
हमें मतदान से भर दे।
हर एक ताजा जख्म
भरने ना दे
तु भी सुख मे जिए
हमें सूखे मे मरने दे।
कहाँ है घाव
यहाँ है घाव।
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