बहुत कुछ लिख लिख कर, मिटाया है मैंने, ठीक ना होने पर भी, अपना हाल...
ठीक बताया है मैंने, बात बात पर अपने दिल को बहलाया है मैंने,
अपनी सोच में ही खोकर,
ना जाने कितनी रातों को जाग जाग कर बिताया है मैंने, कोई समझेगा नहीं ये हाल मेरा,
बस इसी फ़िक्र में
सबसे सब कुछ छुपाया है मैंने।।