✨ चौथा दिन: माँ कूष्मांडा का संदेश ✨
चौथे दिन का होता है शुभ आरंभ,
माँ कूष्मांडा से जग में फैलता प्राण-विभव।
हास्य और प्रकाश की अद्भुत ज्योति,
सृष्टि रचने वाली, माँ देतीं अनोखी शक्ति।
सूर्य मण्डल में करतीं वास,
भक्तों के दुःख हरें हर सांस।
साहस, तेज और आयु का दान,
माँ कूष्मांडा करतीं जीवन महान।
चलो जगाएँ भीतर की मुस्कान,
हर अंधकार को करें हम विदाई जान।
माँ कूष्मांडा का स्मरण निरंतर,
देता जीवन में सुख और उजास प्रखर। ✨