अब हम कोई नहीं तेरे अपने कहलाने को,
ना हक़ है अब तुझसे रिश्ते निभाने को।
तू अपनी खुशियों में मस्त रहे, यही मेरी दुआ है,
मेरा दर्द ही अब मेरी ज़िंदगी की सज़ा है।
हाँ, गलती मेरी थी… मैंने तुझे खो दिया,
तेरे खामोश लफ़्ज़ों ने हर जवाब दे दिया।
जो मोहब्बत तुझसे की थी, वो अब तन्हा रह जाएगी,
मेरे दिल की हर धड़कन बस खामोशी में ढल जाएगी।
अब तू अपनी मंज़िल की ओर बढ़,
मैं अपनी राहों में तन्हा ही जाऊँगी।
तेरे हर सपने में रंग भरने की दुआ दूँगी,
पर अपनी मोहब्बत को हमेशा दफ़न कर जाऊँगी।
काश ये वक़्त यहीं थम जाता,
जहाँ तू मेरा था और मैं तेरी।
पर अब जो हो चुका है,
वो हमारी कहानी का आख़िरी सफ़ा है।
मैं नहीं चाहती आने वाले कल में हम फिर मिलें,
क्योंकि वो मुलाक़ात फिर पुराने ज़ख़्म हरे कर देगी।
बेहतर है तू अपनी दुनिया में रहे खुश,
और मैं अपनी तन्हाईयों में तेरा नाम रो-रो कर मिटा दूँ।
अब तेरे लिए मेरी दुआ यही है—
तेरे चेहरे पर कभी आँसू ना आएं।
तेरे होंठों पर हँसी ही रहे,
भले ही मेरे हिस्से में ग़म ही क्यों न आएं।
आज मैं ये अलविदा लिख रही हूँ,
आख़िरी बार तुझे अपना मानकर।
अब तेरे ख्वाबों से भी दूर हो जाऊँगी,
बस तुझे रब के हवाले कर दूँगी।
kajal Thakur 😊