"मातृभूमि की सुंदरता"
हरी-भरी वादियाँ, नदियों का संगीत,
हरियाली में छुपा है प्रकृति का प्रीत।
मिट्टी की खुशबू, बूँदों का श्रृंगार,
धरती हमारी है सबसे सुंदर उपहार। 🌿
सूरज की किरणें जब खेतों पर बिखरतीं,
धान की बालियाँ सुनहरी मुस्करातीं।
फूलों की खुशबू, पंछियों के गीत,
मातृभूमि में मिलता हर पल नवीन। 🌺
पहाड़ों की ऊँचाई, सागर की गहराई,
हर कोने में बसी है सच्चाई।
यह भूमि नहीं, माँ का आँचल है प्यारा,
इससे ही जीवन है, इससे ही सहारा। 🌏❤️
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Writer_
Dharmendra Kumar