चल मेरे साथ, प्यार में हम बदनाम होने चले,
ज़माने की राहों से दूर, किसी ख्वाब में खोने चले।
ना नाम रहेगा, ना पहचान की परवाह अब है,
तेरे साथ चलकर हर इल्ज़ाम सहने चले।
आग भी होगी राह में, तूफ़ान भी होंगे कई,
मगर तेरे हाथ थामे, हम हर हाल में सोने चले।
मंज़िल क्या है, हमें खुद नहीं मालूम,
बस तेरे इश्क़ में आज, खुद को खोने चले।
इश्क़ वो सफ़र है जहाँ बदनामी भी इज़्ज़त लगती है..."
#ChalMereSath ❤️