🎙️ शीर्षक: "आज की नारी – उसकी अपनी पहचान"
> "आज की नारी अब चुप नहीं रहती।
वो अबला नहीं, सबला है।
वो अपने हक के लिए बोलना जानती है,
और गलत के सामने खड़ी होना भी।
घर चलाती है, बाहर भी कमाती है।
सपनों को कुर्बान नहीं करती,
उन्हें पूरा करने की हिम्मत रखती है।
वो बेटी भी है, माँ भी, और एक प्रेरणा भी।
आज की नारी... सिर्फ़ ज़िम्मेदारी नहीं,
अब बदलाव की पहचान बन चुकी है।"