"मां"
मां तू थकती नहीं है क्या तेरे पैरों तले कोई अलग ज़मीं है क्या ?
मां तू थकती नहीं है क्या तेरे हाथों में कोई दैवीय शक्ति है क्या ?
मां तू थकती नहीं है क्या तेरे ऊपर कोई अलग आसमां है क्या ?
ठहर जा जी ले कुछ पल सुकून से तेरे सीने में कोई अलग दिल है क्या ?