बात उन दिनों की है,
जब वो और मैं अजनबी थे,
उनका कोई भी msg कभी नही आया,
न हम ने ही कभी बात की,
एक बार लाइक और कमेंट दिया भी तो भी उनकी कोई खास प्रतिक्रिया नही दी न धन्यवाद,
सोचा कितने खडूस हैं वो,
कुछ महीनों बाद एक दिन उनका msg आया ,कोई ग्रुप का लिंक भेजा था और पूछा कि क्या ये ग्रुप ज्वाइन करोगे,
तब सोचा खडूस ने कैसे लिंक भेज दिया ,कोई बात नही की ग्रुप ज्वाइन कर लिया,
समय बिता पर हमने बात नही की,
कोई जरूरत नही पड़ी,
ना उन्होंने कभी msg किया ना हमने,
एक बार किसी बात को लेकर उन्हें कन्फ्यूजन था तो msg किया ,बात साफ हो गई ,
और हमने कभी कभी msg पर बात की,
ओर कई ग्रुप में वो और मैं साथ में थे,
लगभग दो साल पर हमने कभी कोई बात तो क्या एक दूसरे को लाइक कमेंट भी नही दिए,वो मुझे खडूस समझते रहे और मैं उनको,
आज वो मेरी जिंदगी है सब कुछ है मेरे,
उनके बिन में कुछ भी नही ,
आज और कल है मेरे लिए....
आज जान है हम एक दूसरे की,
रह नही पाएंग सनम तेरे बिना,
कुछ बातें अनकही पर सत्य है ये .........
अन्जू