शायर नहीं मैं जो शायरी करूंगी
आशिक नहीं मैं जो आशिक़ी करूंगी
कभी कभी बस युही लिख जाती हुं
दिल की बात होंठों तक लाती हूं।
शायरी करना मुश्किल बड़ा है काम
प्यार में जो हो जाते हैं नाकाम
उनके दिल की बात मैं होंठों तक लाती हूं
दिल में कौन है वो भी बता सकती हूं
आशिक जो होते हैं बड़े दिवाने
आशिकी में होते हैं बड़े परवाने
दिल की बात जुबां तक लाने से डरते नहीं है
दिलजले है बहुत ये किसी से डरते नहीं है
हर अंदाज निराला होता है
आंखों में कुछ कर गुजरने का मुकाम होता है
ये इजहारे मोहब्बत करने से डरते नहीं
ना सुनने का इन्तजार तक करते नहीं
धोखा खाने के बाद शायरी करना सीख लेते हैं
पर अब किसी पर मरना भी सीख लेते हैं।
हां ये दिवाने होते हैं
हां ये मस्ताने होते हैं
हां ये दिलजले भी होते हैं
हां ये सरफिरे भी होते हैं।
दोस्तों कैसे हो आप लोग