हमें भगवान की मूर्ति की पूजा क्यों करनी चाहिए?
मूर्ति पूजा हमारे जीवन में बहुत महत्त्व का आधार है! मूर्ति पूजा के पीछे कई कारण और जबरदस्त फायदे हैं। उनमें से कुछ निचे दर्शाए गए हैं:
पूरा दिन, एक व्यक्ति अधिक पैसा बनाने, अधिक गहने खरीदने, एक बड़ा घर खरीदने, एक अच्छे कार, आदि के बारे में सोचने में व्यस्त है, हालांकि, जब वह भगवान की मूर्ति देखता है, तो वह कुछ बेहतर सोचता है। उसका मन अपने जीवन और भौतिक वस्तुओं के बारे में सोचना बंद कर देता है। वह भगवान में स्थिर होता है, और इस वजह से वह शांति और सुख का अनुभव करता है। वह व्यक्ति फिर धर्मध्यान की और मुड़ता है और इससे उनमे आध्यात्मिक रूप से प्रगति करने की शक्ति प्राप्त होती है।
जब कोई जीवन में चुनौतियों का सामना करता है, तो परमेश्वर में उसका दृढ़ और अटूट विश्वास उन्हें स्थिति से निपटने की ताकत देता है। वह उसके रास्ते में आये किसी भी प्रकार के संकट का सामना कर के अकेले ही बिना किसी को नुकसान पहुंचाए आगे निकल जाता है।
जब कोई सच्चे दिल से और श्रद्धा के साथ भगवान की पूजा करता है, तब वह पुण्य कर्म को बांधता है। इन बीजों का परिणाम अगले जीवन में एक अच्छी पत्नी, एक अच्छा जीवन, अच्छे माता-पिता, अच्छे बच्चे, अच्छे पैसे, अच्छी किस्मत, एक अच्छा घर, एक अच्छा धर्म और एक अच्छा वातावरण के रूप में प्राप्त होता है। यह सभी आसानी से बिना किसी पुरुषार्थ से ही प्राप्त हो जाता हैं।
जब कोई ऐसे अच्छे वातावरण से घिरा होता है, तो उसके विचार भी परिपक्व होते हैं, वह अपने आध्यात्मिक विकास में अधिक ऊँचा उठता है और अधिक पुण्य कर्मों को बांधता है जिससे बेहतर परिणाम मिलते हैं। जब पुण्यानुबंधी पुण्य कर्म को उनके कर्म खाते में जमा हो जाता है, तो वह व्यक्ति ज्ञानी पुरुष से मिलने में सक्षम होता है। और परिणाम स्वरुप उसके लिए परम मोक्ष के द्वार खुलते है।
जब तक ईश्वर के निराकार के स्वरूप की पहचान नहीं हो जाती, तब तक मूर्ति पूजा जीवन में एक बड़ा और आवश्यक आधार है। मूर्ति की मदद से, हम भगवान के गुणों और सच्चे स्वरुप को याद करते है। और जब वह उस दशा में पहुँच जाता है जहाँ वह निराकार ईश्वर का अनुभव करता है, तो यह आधार स्वतः ही निराधार हो जाएगा।