ओ नारी! कितनी महान हो तुम
ओ नारी! कितनी महान हो तुम
इस देश का अभीमान हो तुम
इंद्रा गाँधी से लेकर कल्पना चावला
तक सफ़लता का दूसरा नाम हो तुम
दुर्गा भी तुम,लक्षमी भी तुम और
सरस्वती भी तुम इसलिए भगवान
भी करता तुम्हारा सम्मान है
खुशियो का संसार भी तुम हो और जिने का आधार भी तुम हो
प्रेम कि शुरूआत भी तुम हो और जिवन का आगाज़ भी तुम हो
जगमगाते सूरज की चमकार भी तुम हो
ओ नारी ! कितनी महान हो तुम।।