पुरानी डायरी के अंदर से मिले कुछ पुराने खत
जिनके कोने पर इत्र की खुशबू थी
जिसमे थी कुछ काम की बातें
और कुछ शायरियां
कुछ नज्में
कुछ गजलें
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ....
केवल नहीं था तो बस नाम
था तो पर केवल
एक संबोधन
प्रिये
मैंने डायरी में संजोकर फिर छुपा डाले ये खत
और बना दिए कुछ नए लिफ़ाफे।