दिल से उतर गए हो तुम,,
तुमसे अब नफ़रत भी नहीं होती!!
तुम याद आ रहे हो क्यों इतना,,
अब तो बारिश का बहाना भी नहीं!!
ज़िन्दगी भी कुछ कुछ तुझ सी लगती है,,
कभी खट्टी कभी मीठी कभी रूठी सी लगती है!!
नादान थे तब ज़िन्दगी के मज़े ले रहे थे,,
अब समझदार हुए तो ज़िन्दगी मज़े ले रही है!!
Akash Gupta ✍️✍️