एक प्रश्न आज पूछने की इच्छा हो रही है | शायद बालमन को समझने की एक कोशिश है |
हम सभी एक दिन इस अवस्था को प्राप्त थे |
यह प्रश्न उसी अवस्था से है |
यह प्रश्न अन्तर मे आज भी दबा है | यह प्रश्न क्या हर बच्चे के मन मे उठता है |
" मै हमेशा सोचती कि मेरे अन्दर से आवाज कहाँ, आँख के भीतर से कौन देखता होगा , कानो के भीतर से कौन सुनता है | कौन है जो सब बात समझता और महसूस करता है |"
कृपया उत्तर दे कितने लोगो के अन्दर बचपन मे यह विचार आता था ?
अपने अनुभव साझा करें 🙏
कभी कभी प्रश्न के जवाब मे लाइक निर्थक होता है | आप लाइक के बजाय अपना अनुभव साझा करें | हाँ या नही मे भी जवाब हो सकता है |