प्रभाती - दोहा
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सुबह सुबह हरि नाम लो, होगा सब आनंद।
खुशियो से जीवन भरे , कृष्ण सच्चिदानंद।।
ईश्वर वंदन सब करे, जीवन है बस चंद।
प्रेम भाव रखना सदा, करना मत तुम जंग।।
मन मंदिर में बैठते , कृष्णा राधा संग।
झांकी सुन्दर देख कर, मन में उठी उमंग।।
Uma Vaishnav
मौलिक और स्वरचित