ऐ मेरे मालिक !
मेरे अन्तर की स्थिति मजबूत कर ,
बाहर बिखरने मत दे मुझे |
सबके उड़ जाने के पश्चात मै अकेली,
बैठी डाल की पंछी हूँ ,
यदि ये डाल तेरी बाहें है तो मेरे पंख काट दे बस,
मुझे गिरने मत देना ,
और यदि यह डाल तुम्हारे और मेरे बीच की दीवार है,आसक्ति है ,दूरी है ,भेद है तो मेरे पंखो मे मजबूती दो साहस दो विरक्ति,विवेक दो मै इसे त्याग सकूँ ||
#प्रेम_आधार
#प्रतीक्षा
#वेदना