1️⃣1️⃣0️⃣4️⃣2️⃣2️⃣ग्यारह अप्रैल दो हज़ार बाइस । सोमवार । शुभ समय । वसंत ऋतु। आज "राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस" है ।
(१) आपका स्वभाव ही आपका भविष्य है, इसे संवारने हेतु अपने स्वभाव को उत्तम बनाएं ।
(२) जीत किसके लिए, हार किसके लिए, ज़िंदगी भर की ये तकरार किस लिए, जो भी आया है वो जाएगा एक दिन, फिर इंसान को इतना अहंकार किस लिए !
(३) एक मास्क प्यार और विश्वास का भी पहन लीजिए ताकि घृणा और नफ़रत के वायरस दूसरे में न फैल सकें ।
(४) तुम बस अपने आप से न हारना फिर तुम्हे कोई नहीं हरा सकता ।
(५) दर्पण बहुत कमज़ोर होता है लेकिन सच दिखाने से नहीं घबराता।
(५) हंसता हुआ मन और हंसता हुआ चेहरा ही सबसे बड़ी और सच्ची संपत्ति हैं।
(६) जीवन में अगर बड़ी जीत हासिल करनी है तो छोटी छोटी हार से क्या घबराना ।
(७) जो सुख में साथ दे वो रिश्ते और जो दुःख में साथ दे वो फरिश्ते ।
घर में रहें स्वस्थ रहें ।
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