Hindi Quote in Poem by Sudhir Srivastava

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

अहमियत
*****
समय की मार से
भला अब तक बचा कौन है,
ऐसे में अहमियत की अहमियत क्या है?
स्वार्थ लोभ में पड़ा अब आदमी।
अपनों की कौन कहे
माँ बाप की अहमियत को भी
धक्का दे रहा है आदमी।
अपवादों की बात तो कीजिए मत
रिश्तों को भी अहमियत
अब कहाँ दे रहा है आदमी।
हर कदम पर स्वार्थी हम हो गए
लाभ हानि को देख अब
अहमियत देने लगा है आदमी।
आधुनिकता के रंग का बुखार इतना है,
अहमियत का ताप ठंडा हो गया है,
क्या कहें? किसको कहें? और क्यों कहें?
अहमियत की चाल में उलझ
खुद मर गया है आदमी।
अहमियत की अहमियत भी
बची भला है अब कहाँ?
खुद को भी अब अहमियत
भला देता कहाँ अब आदमी?

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा उत्तर प्रदेश
८११५२८५९२१
© मौलिक, स्वरचित

Hindi Poem by Sudhir Srivastava : 111796366
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now