जिस हाल मे रखा उस हाल मे रहकर,
तुम सदा ही तो रहे मेरे भीतर !
छूटी दुनिया ,टूटे रिश्ते , छूटे लोग खोटे-खोटे ,
मगर बढ़ता गया तुम्हारा दायरा |
अब तो तुम्हारे दिये जिसे लोग दुःख कहते है ,
प्यारे लगते है | मलाल नही रहा अब ,
सवाल भी जा रहा है, कुछ हसरते तुमने ही जगाई,
तुम्ही मिटाना चाहते हो ,
तो तुम्हारी इच्छा पर छोड़ दिया है, न चाहत न जुनून ,
बस चल रही हूँ , तुम्हारी इच्छा पर ही पल रही हूँ ,
नही चाहिए सम्मान , दुनिया की दौलत विकल्प मे तुम्हारे,
रखना चाहो जिस हाल मे रखो | बस मेरा हाथ ,मेरा साथ
मत छोड़ना |🙏