1️⃣3️⃣0️⃣3️⃣2️⃣2️⃣तेरह मार्च दो हज़ार बाइस । रविवार । शुभ समय ।वसंत ऋतु ।
(१) एक दूसरे के बारे में बोलने से बेहतर है कि एक दूसरे से बोलें तो बहुत सारी गलतफहमियां दूर हो जाएंगी ।
(२) असली दोस्त चाहे कितना भी नाराज हो पर कभी भी दुश्मनों की पंक्ति में खड़ा नहीं होता ।
(३) अपने जीवन को सूखे हुए पत्तों की भांति न बनाओ क्योंकि दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो बटोर कर आग लगा देते हैं ।
(४) कोई भी कर्म करते हुए ध्यान में रहे कि प्रभुजी सदैव ऑनलाइन हैं ।
(५) हम सब एक दूसरे के बिना कुछ भी नहीं हैं, यही रिश्तों की खूबसूरती है ।
(६) A smile is a spiritual perfume, you spray in others.
(७) बुद्धि के पास तर्क है और मन के पास विश्वास और जीवन में दोनों की जरूरत है इसलिए व्यवहार में बुद्धि को आगे रखो और परमार्थ में मन को ।
घर में रहें स्वस्थ रहें ।
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