जाने कोन से लोग थे वो
जिन्होंने बिदाई की रीत बनाई
बनाना ही था तो दोनो की बनाते
सिर्फ बेटियो को क्यू सजा सुनाई
लड़के भी जाते ससुराल और सुनते ताने चार
तो पता चलता बीवी की तकलीफों का राज।
काम करने से नही डरते जनाब
पर हर फर्ज पूरा करके भी
जब होती है तानो की बौछार
तो दिल रोता हे जार जार।