2️⃣0️⃣0️⃣2️⃣2️⃣2️⃣बीस फरवरी दो हज़ार बाइस । रविवार । शुभ समय । वसंत ऋतु ।
(१) ज़िंदगी हमें खूबसूरत दोस्त देती है लेकिन अच्छे दोस्त हमें खूबसूरत ज़िंदगी देते हैं ।
(२) सब्र और सहनशीलता कोई कमजोरियां नहीं होती अपितु ये वो ताकत हैं जो सब में नहीं होती ।
(३) जीतने के लिए ज़िद चाहिए हारने के लिए तो डर ही काफ़ी है ।
(४) खटखटाते रहिए दरवाज़ा एक दूसरे के मन का, मुलाकातें न सही, आहटें आती रहनी चाहिए ।
(५) विश्वास और प्रेम में एक ही समानता है कि दोनों में से किसी को भी जबरदस्ती पैदा नहीं किया जा सकता ।
(६) उदय किसी का भी अचानक नहीं होता है, सूर्य भी धीरे धीरे निकलता है और ऊपर उठता है ।
(७) जिसमें तपस्या और धैर्य है वही संसार को प्रकाशित कर सकता है ।
घर में रहें स्वस्थ रहें
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