1️⃣7️⃣0️⃣2️⃣2️⃣2️⃣सत्रह फरवरी दो हज़ार बाइस । गुरुवार । शुभ समय । शिशिर ऋतु ।फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष प्रारंभ ।
(१) परिवर्तन हेतु समय की प्रतीक्षा न करो, परिवर्तन समय के हाथ में हैं हमारे हाथ में नहीं ।
(२) बहुत गिनते रहे तुम औरों के गुण दोष, अपने अंदर झांक लो, उड़ जायेंगे होश !
(३) रिश्ते भी बर्फ़ के गोले की भांति होते हैं, जिन्हे बनाना तो सरल है लेकिन बनाए रखना मुश्किल ।
(४) कभी पराजय स्वीकार न करें, क्या पता सफलता आपके एक और प्रयास की प्रतीक्षा कर रही हो ।
(५) समस्याओं का अपना कोई आकार नहीं होता, वह मात्र हमारी समाधान क्षमता पर छोटी या बड़ी होती हैं ।
(६) सोच का अंधेरा, रात के अंधेरे से अधिक खतरनाक होता है !.
(७) आप कितना भी ज्ञानी लोगों के बीच बैठिए, समझ तो बेवकूफ बनने के बाद ही आती है ।
घर में रहें स्वस्थ रहें ।
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