आजकल लोगों के बुरे वक्त में छोड़ देने का तदाद बढ़ता ही जा रहा है। कुछ क्षण पहले मुझे भी किसी ने छोड़ दिया। मैं अभी ट्रेन से अकेला रोता हुआ घर की ओर जा रहा हूं। लोग अक्सर छोड़ देते हैं। आंखों में आंसू और मस्तिष्क में यादों के सिवाय कुछ नहीं रह जाता। खैर! हम अकेले ही काफी है ।