Hindi Quote in Motivational by Jay Vora

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सो साल पुराना अहिर इतिहास

जामनगर राज्य के जाम राजा और चारण कवि को सभा मे कहा सुनी हो गई थी , चारण ने कहा था के अभी भी अपने सर का दान देने वाले क्षत्रिय धरती पर है , तो जामनगर के राजाने कहा की ऐसे लोगो को तीन दिन मे ढूंढ के लाओ।

तब वो वाधा बापु चारण कवि हाल के जामनगर जिले के खंभाळीया तहसील के विजलपर जो अहिर क्षत्रियो का गांव था उसका मुख्या राम बापु थे वहां आये। शाम का समय था और राम बापु महेमानो के साथ भोजन कर रहे थे। इसलिए रामबापु ने चारण कवि को भोजन करने के लिए बोला। तब चारण कविने बोला अगर आप एक वचन दो तो मे भोजन करुंगा । तब राम बापु ने बोला जो मांगना हो माग लो और भोजन कर लो।

भोजन करने के बाद चारण कवि ने जामनगर के राजा के साथ जो बात हुई वो कही और राम बापु का सर मांगा । राम बापु हँसते हुए कहा, "सर तो मेरा अपना है, मुजे कहां कहीं और लेने जाना है ! जा दिया तुजे चारण" !

राम बापू ने चारण कवि का बचन रखा ओर जामनगर के राजा के सामने अपना माथा देने के लिए राजी हो गये।

उस वक्त राम बापु के यहां बाजु के कोठा विसोत्री गांव के गोजीया गोत्र के अहिर मसरी बापु महेमान थे।

उसने भी बोला मै भी कल जामनगर राज दरबार मे मेरा माथा दुंगा। फीर चारण कवि और राम बापु गागीया और मसरी बापु गोजीया दुसरे दिन जामनगर राज दरबार मे जाते है ओर चारण कवि बोलते है की हे राजा आपने ऐक सर देने वाला क्षत्रिय बोला था, पर हम दो आहीर को ले आए है ।

तब जामनगर राजा ने भावुक होकर बोला,
"ऐसे विर पुरुषो का सर उतार लें तो तो दुनिया बिना दातार की हो जाएगी, ये तो एक कसौटी थी जो आपने पूरी कर दिखाई"। ऐसै विर पुरुषो के कारण मेरा राज टिका हुआ हे। बाद में दोनो क्षत्रिय अहिर और कवि का सन्मान किया गया

Hindi Motivational by Jay Vora : 111778084
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