Hindi Quote in Thought by Khushboo Bhardwaj RANU

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आजकल famous होने,,, ज्यादा likes पाने और खुद को unique साबित करने के लिए एक नया ट्रेंड चल रहा है,,,,
सनातन धर्म के हर त्यौहार के आने से पहले कुछ अजीब ही तर्कों के साथ उनका अपमान करने का।

जैसे,,, होली बेवकूफी भरा त्यौहार है,,, जन्माष्टमी एक रसिक का जन्मदिन है,,, रक्षाबंधन ढकोसला है,,, और जो आज नया नया है कि राम और रावण दोनो ही गलत हैं,,, तो सिर्फ रावण को ही क्यूँ जलाते हो??? रावण ने तो सीता को छूआ तक नहीं था,, राम को तो पता ही नहीं था कि रावण को मारना कैसे है,, वगैरह वगैरह,,,

तो पहले तो क्षमा प्रार्थी हैं कि इस मंच पर आज इस तरह की पोस्ट लिख रहे हैं,, क्युंकि ये मंच अपनी भावनाओ,,, लिखने की कला को प्रदर्शित करने का माध्यम है।।

पर सहन करने की एक सीमा होती है । यहां भी ज्यादा तो नहीं,,कुछ एक post पढ़ने को मिली इस तरह की।
तो पहले तो "राम" और "रावण" मे अन्तर पता कर लो तुम लोग अच्छे से।। और हाँ,, श्री राम कर्म से भगवान बने उस जन्म में,,, वे तो मनुष्य रूप में ही जन्में थे। रावण जन्म से ब्राहमण था पर कर्मों से असुर।

वैसे भी हम क्यूँ समझाएं ये तुम्हें भाई,,,, क्यूँकी उस महा ज्ञानी रावण से ज्यादा ज्ञान का भंडार तो तुम्हारे ही पास है।

अच्छा चलो भैया तुम्हारी ही बात मान लेते हैं,,, पुतला नहीं जलाना चाहिए ,,,तो क्या उन सभी को जला देना चाहिए जो दूसरों की बेटी को देखकर वाहियात बातें करते हैं,,, उनके साथ गलत हरकतें करते हैं।।। अगर ये परम्परा शुरु हो गई तो सोच लो कहीं अगले दशहरा पर रावण के पुतले की जगह तुम ही ना हो।। दिल पर हाथ रखकर कहना,,, डर लगा ना,,,,,🤨🤨🤨🤨

और एक और,,,, कि अगर रावण जलाने को सही मानते हो तो शिव तांडव क्यूँ मानते हो,,, अरे,,,,भाई बिल्कुल ही अलग खाना खाते हो क्या बे,,,, मतलब कि हमारे chemistry वाले sir ji ने name reaction को समझने,,याद करने का एक अलग और अच्छा तरीका बनाया,,,,पर फिर उनहोने किसी महिला के साथ बद्तमीजी की तो हमारी university management ने उन्हें आरोप सिद्ध होने पर सजा दिला दी ।। तो आपके अनुसार या तो उस प्रोफेसर को सजा देना गलत है हम ये माने,,, या फिर जो कुछ उन्होनें हमें पढाया वो सब हम गलत मानकर भूल जाएं,,, आगे कभी ना पढ़े???

गजब ,,, गजब बकियाते हो बे,,,, सालो से चली आ रही मान्यताएँ सब सही ही हो ये नहीं कह रहे। पर उनमें कमियाँ निकालने को तर्क तो जरा ढंग से लाया करो।।

और हाँ,,, अब ये मत कहने लगना कि हम अन्धविश्वासी हैं,,,,
वो क्या है ना कि हम अन्धविश्वासी तो नहीं हैं,,, पर श्री राम के कर्म, वचन पर बहुत विश्वास करते हैं।।। हम धर्म को देश , परिवार और समाज- सहायता से ऊपर कभी नहीं रखते।। पर धर्म के लिए बकवास भी सहन नहीं करते।।

Hindi Thought by Khushboo Bhardwaj RANU : 111757452
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