शीर्षक: मेरे प्रभु ( प्रार्थना )
खूबसूरती, मेरे जीवन को दीजिये
मेरी सारी कमियों को हर लीजिये
पथ की कठिनाइयों को दूर कीजिये
महत्व जीवन का सब समझा दीजिये
जिसे अभी तक जीवन समझता रहा
आपको भूल रास्ते नये तलाशता रहा
उनकी हर कमी को ही अपनाता रहा
इस भूल को, मेरी आज सुधार दीजिये
मानव मन, मेरा सदा कमजोर रहा
वासनाओं के फूल ही सूंघता रहा
संयम ही जीवन है ये भूलता रहा
इस भूल का निदान समझा दीजिये
असत्य की धुरी पर घूमता रहा जीवन
पथ भटका न मिली कोई सही मंजिल
आदर्शों के गीत ही सदा ही गाता रहा
उन्हें,अपनाने की मीमांसा समझा दीजिये
जीवन आपका दिया है, पवित्र वरदान
समर्पण आप में ही रहे, जब तक रहे प्राण
किस विधि से करुं ? सही से वापस प्रयाण
उस यज्ञ की सारी रस्में आज समझा दीजिये
सकल सफल रहे मेरा यह अनमोल जीवन
हर पथ आपको समर्पित होकर बने पावन
इस जन्म की हर पीड़ा का, हो यहीं समापन
गमन पथ को, अब मेरी मंजिल समझा दीजिये
👏🏼रचियता और प्रार्थना कार✍️ कमल भंसाली