वो तो हमारी तन्हाइयों का ही आलम है।
जो हमे तुमसे मिलने के लिए मजबूर करता है।
बस बैठे रहे पहलू में तुम्हारे
थोड़े से सुकून के लिए जुस्तुजू करता है।
दिलकश अदाओं का ये सिलसिला है
जो दिल के हर जख्म भरता है।
बस देखते रहे तुम्हे।
इसलिए कई बार निगाहों से वार करता है।
तुम ये मत समझना तुम्हारे दीवाने हो गए हैं
वो तो हमारी दीवानी तन्हाइयो से मूंह मोड़।
बस बैठे रहते है अंजुमन में तुम्हारे।
पर अब नज़ाने क्यों तुम से मिलके दिल
बस अब तुम्हारी ही आरजू करता है।