मेरी कहानी..
इन आसू में बेहती जाये..
इन आँखो का बेहता पानी..
सागर की गेहाराई से..
और गेहरा होता जाये..
कही टूटे दिल के टूकडे..
कही सिसकती आहे..
दर्द का ढला हैं येसा केहर ..
दर्दभरा हुआ सारा जीवन..
मेरी कहानी..
इक अनसुलझी पहेली..
इक अनसुनी अनजानी दास्ता..
जुबा से ना कही जाये ..
दिल से ही कोई मेहसूस करले..
आंखों से उनकी आसू ना छलके..
मेरी कहानी..
खुशबू बिन फूल बनी ..
भीगी सी धुधंली तस्वीर बनी..
तार जिसके दिलं के टूटे..
वही अभागी सितार बनी..