ए दुश्मन मेरे यार मुबारक
होली का त्योहार मुबारक
गुझिया की मिठास मुबारक
रंगों की बरसात मुबारक
परिवार का प्यार मुबारक
दांपत्य का रसदार मुबारक
उसके तीखे बैन मुबारक
कजरारे उसके नैन मुबारक
उसके गाल को छू जो पाए
होली की वो गुलाल मुबारक
मुझको छोड़ कर जाने वाले
तुझको हो संसार मुबारक
मेरे पास आने वाले
तुझको मेरा प्यार मुबारक
रब की चरणों में जो की जाए
सच्ची वह अरदास मुबारक
जो तुझसे मिलन के खातिर लागे
दिल में लगी वह आग मुबारक
दुनिया को तेरा साथ मुबारक
मुझको तेरी बात मुबारक
जिसमें सब दुर्गुण जल जाए
होलिका की यह आग मुबारक
किसी को मुबारक चैता का
तो किसी को यह फाग मुबारक
गम की परछाइयां कट जाए
तो खुशियों की बाग मुबारक
यह गीत मुबारक राघव को
और तुमको सुर लय ताल मुबारक।
जाते-जाते तुमको ए वर्ष
होली का हो त्योहार मुबारक।