हर रिश्तो मे दोस्ती का रिश्ता सबसे बडा होता हैं।दोस्तों तो आयना जैसे ह़ोते हैं
दिल मे जो बात हो नजर के सामने भी वही बात ह़ो
बचपन मे दोस्ती, जवानी मे दोस्ती और बुढापे मे
भी दोस्ती जरूरी हैं।
इसलिये की मन की हर बात बता कर दिल का बोझ हलका हो सके।
वरना,
इन्सान अकेला पड जाता हैं।
सब से बडी बात, अगर आप शादी शुदा हो तो
अपने पति या पत्नी से ही दोस्ती कर लेनी चाहिए
सारी उम्र हमसफर के साथ दोस्त भी मिलता है
और
प्यार भी बढता हैं दोनो आमने सामने आयने की
जैसे हो जाते है।