**बेटियाँ ऐसी ही होती है**
थक जाती हूँ जब बेजार होकर
प्यार से वो मुस्कुरा देती है।
डाल गले में बाँहे अपनी
सारी थकान चुरा लेती है।
बेटियाँ ऐसी ही होती है..
घड़ी की सूइयों-सी भागती
जब भी झुंझला जाती हूँ।
एकटक ऐसे देखती है,मानो
नन्हीं आँखों से दुख- दर्द समझती है।
बेटियाँ ऐसी ही होती है....
और एक दिन जब ये
छोड़ कर चली जाएगी।
अपने संस्कारों से फिर
नए रिश्ते सजाएगी।
सोचकर ही मेरी आँखें भर आती है
एक दिन जब ये भी कहेगी,
'मम्मा' मैं खुश हूँ,बस
आप की बहुत याद आती है।
बेटियाँ ऐसी ही होती है...